खरगोन जिले में प्रतिरोधी क्षमता बढ़ाने वाली लाल मक्का की नई किस्म
उन्नत और जैविक खेती करने वाले 47 वर्षीय अविनाशसिंह दांगी ने फिलहाल यह प्रयोग ग्राम भातुड़ में अपनी दो एकड़ भूमि पर किया है।
By
Edited By:
Publish Date: Thu, 15 Nov 2018 10:52:04 PM (IST)
Updated Date: Fri, 16 Nov 2018 07:49:17 AM (IST)
विवेक वर्धन श्रीवास्तव, खरगोन। पीली और सफेद मक्का के बाद जिले में पहली बार एक किसान ने लाल मक्का का उत्पादन किया है। इससे किसान, वैज्ञानिक और प्रशासन को नई उम्मीद जागी है। माना जा रहा है कि कैंसररोधी क्षमता के कारण इस किस्म का जैविक उत्पादन लिया गया है। कस्तूरबा गांधी राष्ट्रीय स्मारक के कृषि विज्ञान केंद्र में इस पर अनुसंधान किया जा रहा है।
जिले में उन्नत और जैविक खेती करने वाले 47 वर्षीय अविनाशसिंह दांगी ने फिलहाल यह प्रयोग ग्राम भातुड़ में अपनी दो एकड़ भूमि पर किया है। प्रयोग के तौर पर उन्होंने कपास के बीच इसे अंतरवर्ती फसल के रूप में बोया। साढ़े तीन किलो बीज वे शोलापुर (महाराष्ट्र) से खरीदकर लाए थे।
दांगी के अनुसार दो एकड़ में लगभग चार क्विंटल उत्पादन मिला। उनका कहना है कि लाल मक्का का स्वाद तुलनात्मक रूप से अधिक मीठा है।
गुणों से भरपूर है
कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार लाल मक्का में 10.5 प्रतिशत प्रोटीन पाया जाता है जो सामान्य मक्का से 2.5 प्रतिशत अधिक है। इसमें पाया जाने वाला एंथोकाइनिन फाइटो केमिकल एंटी एंजिंग होता है, जिससे मनुष्य शरीर स्वस्थ रहता है। बढ़ती उम्र के साथ झुर्रियां नहीं बनती। सामान्य मक्का की बनिस्बत इस मक्का में पौष्टिक तत्वों की मात्रा भी अधिक होती है। प्रोटीन की अधिकता के कारण इस मक्का में प्रतिरोधात्मक क्षमता ज्यादा मानी गई है।
कैसर रोकने में प्रभावी हो सकती है
कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. मनोज निराले कहते हैं कि फिलहाल कोई रिपोर्ट उनके पास नहीं है परंतु पूर्व अनुसंधान के अनुसार जैविक उपज और लाल मक्का पर प्रकाशित हो रही शोध रिपोर्ट से यह साबित होता है कि इसमें प्रोटीन की मात्रा अधिक है। इसका सकारात्मक प्रभाव कैंसर को रोकने में हो सकता है। भविष्य में इसके सेवन से पीड़ितों को लाभ मिल सकता है। डॉ. निराले के अनुसार किसी भी खाद्य पदार्थ में यदि प्रतिरोधात्मक क्षमता अधिक है तो वह बीमारी से बचाव करेगा ही।
कृषि विभाग के संभागीय संयुक्त संचालक आरएस सिसोदिया ने बताया कि इस मक्का में एमिनो एसिड सहित विटामिन बी और अन्य तत्व तुलनात्मक रूप से अधिक होने से यह प्रतिरोधी क्षमता बढ़ाती है।
सुखद संकेत
जिले में कृषि के क्षेत्र में तेजी से बदलाव हुआ है। नई किस्म पर प्रयोग किया जा रहा है। इसी क्रम में लाल मक्का का उत्पादन जिले में सुखद संकेत है। जिले के अन्य किसानों को इसका उत्पादन लेने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
-शशिभूषण सिंह, कलेक्टर, खरगोन