छत्तीसगढ़ के गरियाबंद में वनकर्मियों पर हमला, वन भूमि पर कब्जा रोकने गए, तो ग्रामीणों ने लाठी-डंडों से पीटा
रेंजर सहित तीन वनर्मियों पर वन कब्जे को रोकना भारी पड़ गया। ग्रामीणों की भीड़ ने उनके साथ मारपीट कर दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना लगते ही उप संचालक वरुण जैन व पुलिस अफसर अस्पताल पहुंच गए थे।
By Anurag Mishra
Publish Date: Sun, 07 Jul 2024 12:05:38 AM (IST)
Updated Date: Sun, 07 Jul 2024 12:34:15 AM (IST)
HighLights
- घायलों को गरियाबंद जिला अस्पताल रेफर किया।
- 25 से 30 महिलाओं व पुरुषों ने लाठी डंडा से किया हमला।
- रेंजर सहित तीनों वनर्मियों के मोबाइल व पैसे भी छीन लिए।
नईदुनिया प्रतिनिधि, गरियाबंद। वन भूमि पर कब्जा रोकने पहुंचे रेंजर समेत तीन कर्मियों पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि तीनों के कपड़े उतारकर लाठी डंडे से पिटाई की गई है। मामला गरियाबंद जिले के मैनपुर का है।
मैनपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में आरंभिक इलाज के बाद घायलों को गरियाबंद जिला अस्पताल रेफर किया है। घटना की पुष्टि करते हुए डीएफओ वरुण जैन ने बताया कि हमला करने वालों के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराई जा रही है।
उन्होंने बताया कि उदंती सीतानदी अभ्यारण्य के बफर जोन के तौरेंगा वन परिक्षेत्र में शनिवार को वन परिक्षेत्र अधिकारी (रेंजर) राकेश परिहार अपने शासकीय वाहन से कर्मी पिताम्बर डोंगरे के साथ सूचना के आधार पर अतिक्रमण रोकने एम कक्ष क्रमांक 1138 पहुंचे। यहां वन भूमि में गोना नवापारा निवासी अशोक नेताम द्वारा टैक्ट्रर से जोताई की जा रही थी, जिसे रेंजर द्वारा रोका गया।
25-30 महिलाओं व पुरुषों ने किया हमला
वन अमला को देख चालक ट्रैक्टर सहित गांव की ओर भाग गया। उसके बाद में गांव की ओर से 25 से 30 महिला-पुरूष लाठी डंडा लेकर पहुंचे। उनको चारों तरफ से घेर लिया।
कपड़े उतरवाकर लाठी व डंडे से पीटा
उन सब ने रेंजर व तीन कर्मियों के कपड़े उतरवाए और मोबाइल व पैसे भी छीन लिए। उसके बाद बेरहमी से उन्हें लाठी व डंडे से जमकर पिटाई की। घटना की सूचना लगते ही उप संचालक वरुण जैन व पुलिस अफसर अस्पताल पहुंच गए थे।