पहली बार चांदी के रथ पर सवार होकर भगवान गणेश करेंगे नगर भ्रमण
16 फीट लंबे और 11 फीट ऊंचे इस रथ में भगवान गणेश को विराजित किया जाएगा।
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Publish Date: Sat, 22 Sep 2018 12:03:53 AM (IST)
Updated Date: Sun, 23 Sep 2018 07:50:59 AM (IST)
इंदौर (रामकृष्ण मुले)। गणेशोत्सव के अंतिम दिन अनंत चतुर्दशी पर रविवार को निकलने वाले चल समारोह में पहली बार शामिल हो रहा चांदी का रथ आकर्षण का केंद्र होगा। होप मिल गणेशोत्सव समिति की झांकियों के साथ शामिल होने वाले 16 फीट लंबे और 11 फीट ऊंचे इस रथ में भगवान गणेश को विराजित किया जाएगा।
11.21 लाख रु. से बने इस रथ में चांदी, सफेद जर्मन और सागौन की लकड़ी का इस्तेमाल किया गया है। इसमें 10 किलो शुद्ध चांदी और 110 किलो जर्मन सिल्वर है। रथ के बीचोबीच अष्टधातु से निर्मित और डेढ़ फीट ऊंची वेदी है। आसपास चार लोगों के बैठने की जगह है।
इसका निर्माण अहमदाबाद में 20 कारीगरों ने 6 माह में किया है। रथ के पीछे समिति द्वारा बनाई गई दो झांकियां भी चलेंगी। एक में भगवान शिव को समुद्र मंथन में निकले विष को ग्रहण करते, जबकि दूसरे हिस्से में माता पार्वती और पुत्र गणेश को महादेव का जलाभिषेक करते दर्शाया जाएगा। एक अन्य झांकी में पार्वती एवं गणेश को अभिषेक और नंदी को झांझ-मंजीरे बजाते दिखाया जाएगा।
अब हर साल होगा शामिल
होप टेक्सटाइल्स मिल के डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर कांतिलाल बम ने बताया कि यह रथ अब हर वर्ष अनंत चतुर्दशी के चल समारोह में शामिल होगा। होप मिल गणेशोत्सव समिति के सलाहकारमंडल के सदस्य श्यामसुंदर यादव ने बताया कि शहर में मिलों की झांकी निकालने की परंपरा 112 साल पुरानी है। इस परंपरा में सबसे पहले मालवा, फिर हुकमचंद और उसके बाद कल्याण मिल शामिल हुई। इसके बाद एक साथ स्वदेशी, होप और राजकुमार मिल ने हिस्सा लिया।