प्याज का अर्क… एक नहीं कई बीमारियों का है काल, स्टडी से हुए चौंकाने वाले खुलासे
भारतीय सब्जियां और मसाले दुनिया भर में प्रसिद्ध हैं, जो न सिर्फ खाने में स्वाद के लिए जानी जाती है, बल्कि कई बीमारियों के इलाज में भी मददगार होती हैं। इसी में प्याज एक ऐसी सब्जी है, जिसका इस्तेमाल भारत में खाने से लेकर कई बीमारियों के इलाज में किया जाता है। आयुर्वेद में भी प्याज को सेहत के लिए बहुत फायदेमंद में माना जाता है।
अमेरिका के सैन डिएगो में एक एंडोक्राइन सोसाइटी की प्रेस कॉन्फ्रेंस के मुताबिक, प्याज का अर्क डायबिटीज के मरीजों के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है। शोधकर्ताओं के अनुसार, ब्लड शुगर को कंट्रोल और वजन घटाने के लिए के लिए प्याज का अर्क काफी लाभकारी हो सकता है।
डायबिटीज कंट्रोल में असरदार
प्याज का अर्क शुगर के मरीजों के लिए बहुत ही फायदेमंद हो सकता है। रिसर्च के मुताबिक, प्याज के अर्क में क्वेरसेटिन और सल्फर कंपाउंड होते हैं, जो ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मदद करते हैं। यह इंसुलिन संवेदनशीलता को बढ़ाने में भी कारगर है।
दिल हेल्दी रखें
हार्ट की हेल्थ के लिए प्याज का अर्क बहुत लाभकारी होता है। प्याज में मौजूद फ्लेवोनोइड्स और एंटीऑक्सिडेंट्स खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करने और अच्छे कोलेस्ट्रॉल (HDL) को बढ़ाने में मदद करते हैं। इससे ब्लड प्रेशर भी कंट्रोल में रहता है और दिल की बीमारियों का खतरा कम होता है।
कैंसर से लड़ने में मददगार
स्टडी के अनुसार, प्याज में मौजूद सल्फर यौगिक और एंटीऑक्सिडेंट्स कैंसर सेल्स को बढ़ने से रोक सकते हैं। खासतौर पर कोलन, ब्रेस्ट और प्रोस्टेट कैंसर के जोखिम को कम करने में कारगर पाया गया है।
इम्यूनिटी बूस्ट
प्याज का अर्क इम्यूनिटी बूस्ट करने के लिए लाभकारी है। प्याज के अर्क में विटामिन C, एंटीऑक्सीडेंट और एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता इम्यूनिटी बूस्ट करते हैं। इससे मौसमी इंफेक्शन से बचाने में मदद मिलती है।
जोड़ों का दर्द से राहत
प्याज में एंटी-इंफ्लेमेटरी प्रॉपर्टीज होती हैं, जो गठिया और जोड़ों के दर्द में राहत दिलाने में मदद करती हैं। यह शरीर में यूरिक एसिड के स्तर को कम करने में भी सहायक हो सकता है।
अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल में जनरल सर्जरी एंड गैस्ट्रोएंटरोलॉजी डॉ. साद अनवर ने बताया कि गर्मियों के मौसम में शरीर को हाइड्रेटेड और कूल रखना बहुत जरूरी है, जिससे लू, डिहाइड्रेशन, पेट की समस्याएं और कमजोरी से बचा जा सके।