बकरियों के साथ गांव पहुंचे चीतल, अफरा-तफरी में एक की मौत
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मंगलवार की शाम बकरियों की झुंड के साथ ग्राम हाराडुला पहुंच गए दो चीतल में से एक की नाले में गिरने से मौत हो गई।
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Publish Date: Thu, 20 Mar 2014 12:11:30 AM (IST)
Updated Date: Fri, 21 Mar 2014 04:39:04 PM (IST)

चारामा। मंगलवार की शाम बकरियों की झुंड के साथ ग्राम हाराडुला पहुंच गए दो चीतल में से एक की नाले में गिरने से मौत हो गई। चीतलों के गांव पहुंचने के बाद मची अफरा-तफरी से यह घटना हुई। वहीं दूसरा चीतल जंगल की ओर भाग निकला। मृत चीतल का पोस्टमार्टम कर अंतिम संस्कार कर दिया। उसकी उम्र लगभग तीन वर्ष वजन 45 से 50 किलोग्राम था।
वन विभाग के परिक्षेत्र अधिकारी ने बताया कि चीतल डरपोक व कमजोर प्राणी होते हैं। तुएगहन की पहाड़ी के जंगल से गाय-बकरी के साथ दो चीतल भी हाराडुला पहुंच गए थे। पालतु जानवर तो अपने घरों में चले गए, लेकिन दोनों चीतल इधर-उधर भटकते रहे। बाजार का दिन होने के कारण हाराडुला में भीड़ अधिक थी। लोगों की नजर चीतलों पर पड़ते ही वे उनकी ओर दौड़ पड़े। इससे चीतल बदहवास होकर भागने लगे। इसी दौरान एक चीतल नाले में गिर गया। ग्रामीणों ने उसे निकाला और पशु चिकित्सक डॉ. खवास के पास ले गए। डॉक्टर चीतल को पानी पिला ही रहे थे कि इसी दौरान उसकी मौत हो गई। वहीं दूसरा चीतल जंगल की ओर भाग निकला।
मौत हृदय की नस फटने से
चीतल के मौत की सूचना वन विभाग को दी गई। इस पर रेंजर सीएल नाग, डिप्टी रेंजर डीएन ठाकुर व अन्य कर्मचारी घटनास्थल पर पहुंचे। चीतल को पोस्टमार्टम के लिए चारामा लाया गया। बुधवार की सुबह पशु विभाग के डॉक्टर तारम और दुष्यंत गावड़े ने उसका पोर्स्टमार्टम किया। इसके बाद उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। डॉक्टरों ने बताया कि अधिक दौड़ने और घबराहट के कारण हृदय की नस फट जाने से चीतल की मौत हुई।
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