बिल में मनमानी, बिजली दफ्तर में लोगों ने किया हंगामा
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मनमाना बिजली बिल भेजे जाने से नाराज किसानों ने सोमवार को बिजली विभाग के दफ्तर में खूब हंगामा किया।
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Publish Date: Tue, 22 Apr 2014 01:03:04 AM (IST)
Updated Date: Wed, 23 Apr 2014 02:34:48 PM (IST)

चारामा। मनमाना बिजली बिल भेजे जाने से नाराज किसानों ने सोमवार को बिजली विभाग के दफ्तर में खूब हंगामा किया। पिछले दिनों प्रदर्शन के बाद विभाग ने उन्हें सोमवार को चर्चा के लिए बुलाया था। इस दौरान ऐसे किसान जिनका बिजली बिल 2000 से 3000 तक आया था, उसे घटाकर 100 रुपए कर उसे पटाने को कहा गया, लेकिन किसान इससे संतुष्ट नहीं हुए। उनका कहना था कि इस तरह की मनमानी पूरी तरह से बंद होना चाहिए। आक्रोशित किसानों ने मौके पर ही किसान संघ का गठन कर 29 अप्रैल को मंडी प्रांगण में बैठक करने के पश्चात कलेक्टर से इसकी शिकायत करने का निर्णय लिया है। साथ ही बिल संबंधी समस्या का समाधान नहीं होते तक बिल नहीं पटाने का भी सर्वसम्मति से फैसला लिया है।
अंचल के किसान बिजली विभाग के रवैये से काफी आक्रोशित हैं। किसानों का कहना है कि बिना मीटर रीडिंग उन्हें मनमाना बिजली बिल भेजकर परेशान किया जा रहा है। उनका यह भी कहना है कि बहुत से किसान तो बिल संबंधी बातों को नहीं समझ पाने के चलते काफी पैसा विभाग में जमा कर चुके हैं। उनका तो विभाग पर ही बकाया निकल रहा है, बावजूद इसके उन्हें हजारों का बिल भेजा जा रहा है। पिछले दिनों विभाग के दफ्तर में एकजुट होकर दबिश देने के बाद उन्हें इस संबंध में चर्चा के लिए 21 अप्रैल को बुलाया गया था। उस दौरान किसानों ने चेतावनी दी थी कि यदि इस तारीख को उनकी समस्या का स्थायी हल नहीं निकाल गया तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। विभागीय अधिकारियों के बुलावे पर ही सोमवार को अंचल के पीड़ित किसान विभाग के दफ्तर में जुटे थे।
इस दौरान अधिकारियों ने किसानों के आक्रोश को देखते हुए बढ़ाकर भेजे गए बिल को कम कर दिया। यहां तक कि जिन किसानों का बिजली का बिल 2000 से 3000 रुपए तक था, उसे घटाकर 100 रुपए कर बिल पटाने की बात कही गई। लेकिन किसान इससे संतुष्ट नहीं हुए। वे इसे अस्थायी हल बताते हुए स्थायी हल की मांग करने लगे। इतना ही नहीं, मौके पर ही किसानों ने अपनी समस्याओं को उठाने के लिए किसान संघ का गठन कर दिया। इस दौरान किसानों ने मंगलवार 29 अप्रैल को मंडी परिसर में बैठक रखकर कलेक्टर से इसकी शिकायत करने का निर्णय लिया। इतना ही नहीं, बिजली बिल की समस्या खत्म होते तक बिल नहीं पटाने का भी निर्णय लिया।
सभी का बिल एक समान क्यों?
सभी किसानों के सिम्बर से फरवरी तक एक ही यूनिट के अनुसार इस माह 4430 रुपए का बिजली बिल भेजा गया। किसानों ने सवाल उठाया कि सबका बिल एक जैसा क्यों? जब सब किसान एक साथ विभाग में पहुंचे तो सभी के बिलों में 2000 से सीधे सीधे 100 रुपए पटाने क्यों कहा जा रहा है। विभाग इसमें क्या लीपापोती कर रहा है। किसानों ने चेतावनी दी है कि अगर किसानों की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ तो वे आचार संहिता के हटते ही विद्युत विभाग के सामने धरने पर बैठ जाएंगे।
किसानों के साथ नहीं होगा कोई अन्याय
विद्युत विभाग के अधिकारी श्री वर्मा ने इस संबंध में कहा कि किसानों को प्रतिवर्ष 6000 यूनिट तक विद्युत की छूट दी जाती है। यह प्रतिवर्ष 01 अप्रैल से शुरू होती है। अब कोई किसान इस यूनिट को तीन माह में तो कोई चार-पांच माह में खपत करता है। 6000 यूनिट खत्म होने के बाद से ही किसानों को अतिरिक्त रीडिंग का बिल भेजा जाता है। जहां एवरेज बिल भेजा जाता है, उन किसानों का मार्च के पहले एकाउंट क्लीयर किया जाता है। किसानों के साथ कुछ गलत नहीं किया जाएगा। समस्याएं आ रही हैं। उनका निदान किया जा रहा है।
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