मप्र के दतिया जिले में बेतवा नदी किनारे बसे गांवों में अलर्ट, माताटीला बांध के 20 गेट खुले
मप्र में जोरदार बारिश के बाद दतिया जिले में माताटीला बांध के 20 गेट खोलने पड़े हैं। बांध के गेट खुलने से बेतवा नदी का काफी बढ़ गया है। बेतवा नदी के किनारे बसई क्षेत्र के कई गांव बसे हुए हैं। बाढ़ के हालात देखते हुए प्रशासनिक अमला भी अलर्ट हो गया है।
By Kuldeep Saxena
Publish Date: Mon, 29 Jul 2024 11:56:39 AM (IST)
Updated Date: Mon, 29 Jul 2024 11:56:39 AM (IST)
HighLights
- रात तक गांवों में घूमकर पुलिस करती रही निगरानी।
- नदी का जलस्तर बढ़ने से ग्रामीण भी हो गए चिंतित।
- ग्रामीणों के अनुसार पिछले वर्ष डूब गई थी फसलें।
नईदुनिया प्रतिनिधि, दतिया-बसई। रविवार शाम बसई से मात्र आठ किमी दूर बने माताटीला बांध के 20 गेट खोल दिए गए। बांध के गेट खुलने से बेतवा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा। बसई क्षेत्र के कई गांव इस नदी किनारे बसे हैं। इसे देखते हुए रविवार को राजस्व और पुलिस टीम ने इन गांवों में पहुंचकर ग्रामीणों को अलर्ट किया। पुलिस ने ग्रामीणों को समझाइश दी कि नदी क्षेत्र की ओर न जाएं साथ ही वहां छोटे बच्चे और महिलाओं को भी जाने से रोकें। देर शाम तक नदी किनारे बसे गांवों में पुलिस टीम घूमकर वहां स्थिति पर नजर रखे रही।
राजघाट बांध में लगातार पानी बढ़ रहा
माताटीला बांध के एसडीओ तुलसीदास वर्मा ने बताया कि भोपाल और वहां के आसपास के क्षेत्र में अधिक बारिश होने से राजघाट बांध में लगातार पानी बढ़ने लगा है। इसकी चलते रविवार शाम बसई के निकट पड़ने वाले माताटीला बांध के 20 गेट दाे-दाे फुट तक खोल दिए गए। जिनमें से लगभग 45 हजार क्यूसिक से अधिक पानी बेतवा नदी में छोड़ा गया है।
सूचना पर गेट खोले जाएंगे
माताटीला एसडीओ ने बताया कि जैसे ही राजघाट बांध से पानी आने की सूचना आएगी वैसे ही बांध के और गेट खोले जा सकते हैं। इधर अचानक 20 गेट खोले जाने से बसई से निकलने वाली बेतवा नदी में भी जलस्तर बढ़ने से लहरों का बहाव भी तेज हो गया। इधर माताटीला बांध के 20 गेट खोले जाने की सूचना मिलते ही वहां पर्यटकों की भीड़ लगना शुरू हो गई। बता दें कि माताटीला बांध पर कुल 23 गेट हैं। जिनमें से रविवार को 20 गेट खोले गए हैं।
रात में और पानी छोड़े जाने की संभावना
माताटीला बांध के एसडीओ वर्मा ने बताया कि रात में और ज्यादा पानी की निकासी की संभावना बन सकती है। जिससे निश्चित ही बेतवा का जलस्तर बढ़ेगा। इसे देखते हुए आसपास के इलाकों को अलर्ट करने के लिए सूचना भी भेज दी गई है। बता दें कि पिछले वर्ष भी अगस्त के महिने में माताटीला बांध के सभी गेटों को 16-16 फुट तक खोल दिया गया था। जिसके चलते बसई क्षेत्र के नदी किनारे बसे गांव हीरापुर, देवगढ़, मकडारी आदि तक पानी पहुंच गया था।
जलमग्न हो गए थे कई खेत
इस दौरान कई किसानों के खेत जलमग्न हो गए थे। उस दौरान गांव की तरफ पानी बढ़ता देख ग्रामीण भी दहशत में आ गए थे। उक्त स्थिति के मद्देनजर अभी से ही संबंधितों ने इन गांवों में निगरानी बढ़ा दी है। वहीं आज सोमवार होने के कारण बसई में बेतवा नदी किनारे बने प्रसिद्ध मंदिर भैरारेश्वर पर भी सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगेगी। ऐसे में नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण वहां सावधानी को देखते हुए पुुलिस को मशक्कत करनी पड़ेगी। ताकि कोई दुर्घटना न हो।
बसई पुलिस ने गांवों में किया अलर्ट
बेतवा का जलस्तर बढ़ने के साथ ही नदी का उफान भी बढ़ गया है। जिसे लेकर बसई थाने को अलर्ट किया गया है। इसीके चलते रविवार शाम को बसई थाना प्रभारी सच्चिदानंद शर्मा ने बेतवा नदी किनारे पानी बसे गांव मकडारी, हीरापुर, देवगढ़ आदि में पुलिस टीम के साथ पहुंचकर वहां के लोगों को अलर्ट किया।
देर शाम तक की गांवों में निगरानी
देर शाम तक पुलिस टीम इन गांवों में निगरानी करती रही। इस दौरान ग्रामीणों को नदी किनारे नहीं जाने की सलाह दी गई है। बेतवा नदी से सटे गांव देवगढ़ में भी ग्रामीणों को इसे लेकर सतर्क रहने को कहा गया है। यहां के किसान हर वर्ष इस तरह की समस्या से परेशान होते हैं। देवगढ़ के ग्रामीणों ने बताया कि पिछले वर्ष भी यह समस्या आई थी। जिसके चलते उनकी खेती को भी नुकसान हुआ था।
पिछले वर्ष बस्ती तक पहुंच गया था पानी
- स्थानीय लोगों के मुताबिक पिछले दो वर्षों से लगातार नदी किनारे बसे गांवों में बेतवा में पानी छोड़े जाने के बाद समस्या बढ़ जाती है।
- पिछले वर्ष भी अगस्त में माताटीला बांध के पूरे 23 गेटों को 16-16 फुट तक खोलने की नौबत आ गई थी।
- तब करीब चार लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज करने के कारण बेतवा नदी अपना रौद्र रूप दिखाने लगी थी।
- इस दौरान नदी किनारे बसे गांव देवगढ़, हीरापुर, मकडारी के ग्रामीण नदी का पानी घरों तक न पहुंच जाए, इस आशंका से घिर उठे थे।
- इन क्षेत्रों के किसानों की मूंगफली, उड़द व तिलि की फसल खेतों के जलमग्न हो जाने से पानी में डूब गई थी।
- गांव की बस्ती से सिर्फ 20-25 मीटर दूर तक पानी रह गया था। अबकी फिर हालात न बिगड़ें इसे लेकर ग्रामीण चिंता में हैं।
राजघाट बांध में पानी बढ़ने के कारण माताटीला बांध के 20 गेट दो-दो फुट तक खोलने पड़े हैं। जिसका पानी बेतवा नदी में छोड़ा जा रहा है। इसे लेकर अलर्ट भी किया गया है।
– तुलसीदास वर्मा, एसडीओ माताटीला बांध।
माताटीला बांध के गेट खुलने के कारण बेतवा में लगातार पानी बढ़ने लगा है। इसे देखते हुए खबर मिलते ही नदी किनारे बसे गांवों में पहुंचकर वहां के निवासियों को अलर्ट किया गया है। देर शाम तक पुलिस टीम इन गांवों में भ्रमण कर निगरानी करती रही।
– सच्चिदानंद शर्मा, थाना प्रभारी बसई।