शाजापुर में कंस वधोत्सव : 264 साल पुरानी परंपरा निभाई, सड़कों से गुजरे देवता और दानव

शाजापुर में कंस वधोत्सव : 264 साल पुरानी परंपरा निभाई, सड़कों से गुजरे देवता और दानव


देव व दानवों की तरफ से मतदान जागरूकता के लिए भी बोले गए संवाद की सराहना हुई।

By

Edited By:

Publish Date: Sun, 18 Nov 2018 11:30:44 PM (IST)

Updated Date: Mon, 19 Nov 2018 07:34:07 AM (IST)

शाजापुर में कंस वधोत्सव : 264 साल पुरानी परंपरा निभाई, सड़कों से गुजरे देवता और दानव

शाजापुर। मथुरा के बाद शाजापुर में होने वाली करीब 264 साल पुरानी कंस वधोत्सव की अनूठी परंपरा रविवार रात निभाई गई। अनूठे कार्यक्रम के दौरान आजाद चौक और सोमवारिया बाजार परिसर खचाखच भरा रहा। हर कोई वाक्युद्ध के दौरान बोले जाने वाले डायलॉग को सुनने के लिए उत्साहित दिखाई दिया। आचार संहिता के कारण करीब चालीस मिनट पहले ही कार्यक्रम हो गया।

आचार संहिता के चलते कार्यक्रम का स्वरूप सिमटा नजर आया, लेकिन देव व दानवों की तरफ से मतदान जागरूकता के लिए भी बोले गए संवाद की सराहना हुई। रात में कंस चौराहे पर श्रीकृष्ण के हाथों कंस का वध हुआ।

naidunia_image

शुरुआत रात आठ बजे बाद बालवीर हनुमान मंदिर परिसर से की गई। इस दौरान देव व दानवों की टोलियां परंपरागत वेशभूषा में यहां पहुंची। आयोजन समिति द्वारा तैयार किए गए रथ में सभी को बिठाया गया। यहां से चल समारोह निकलना प्रारंभ हुआ, जो सोमवारिया बाजार, मगरिया, काछीवाड़ा, टेंशन चौराहा, बस स्टैंड, नईसड़क होते हुए आजाद चौक पहुंचा। जहां से भी जुलूस निकला वहां लोग इन्हें देखने के लिए उत्सुक नजर आए। कई लोगों ने इनके साथ सेल्फी भी ली।

naidunia_image

रात करीब 9.30 बजे जुलूस के पहुंचने पर देव व दानवों के बीच वाक्युद्ध शुरू हुआ। हालांकि आचार संहिता के चलते इस बार संवादों पर विशेष ध्यान दिया गया। तत्कालीन मुद्दों को लेकर बोले गए डायलॉगों से एकदूसरे पर वार किया गया। इस दौरान मतदान जागरूकता को लेकर भी डायलॉग बोले गए।

naidunia_image

श्रीकृष्ण व उनके सखा द्वारा बोले गए डायलॉग में जहां सादगी नजर आई तो कंस के सेनापति व उनकी सेना अट्टाहास के साथ लकड़ी की तलवार लहराते हुए संवाद बोल रहे थे। जीएसटी, राफेल, स्वच्छ भारत अभियान सहित ज्वलंत मुद्दों को लेकर बोले गए रोचक संवादों ने सभी को गुदगुदाया।

आयोजन ने लोगों ने इस दौरान खूब लुत्फ उठाया। रात 10 बजे तक ही माइक की अनुमति होने से आजाद चौक के बाद सोमवारिया बाजार में कंस चौराहे पहुंचे देव व दानवों का वाक्युद्ध का मजा फीका पड़ गया। देर रात कंस के पुतले का श्रीकृष्ण ने वध किया। इसके बाद गवली समाज के लोग पुतले को लाठियों से पीटकर घसीटते हुए लेकर गए।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *