Google Play Store में जुड़ा नया डेटा सेफ्टी सेक्शन, जानिए क्या होगा फायदा

Google Play Store में जुड़ा नया डेटा सेफ्टी सेक्शन, जानिए क्या होगा फायदा


गूगल प्ले स्टोर के लिए डेटा सेफ्टी फीचर रोलआउट हो गया है। अब यूजर्स देख सकेंगे कि एप डेवलपर कौन-सी जानकारियां जुटा रहा है।

By Shailendra Kumar

Edited By: Shailendra Kumar

Publish Date: Wed, 27 Apr 2022 05:32:45 PM (IST)

Updated Date: Wed, 27 Apr 2022 05:32:45 PM (IST)

Google Play Store में जुड़ा नया डेटा सेफ्टी सेक्शन, जानिए क्या होगा फायदा

गूगल प्ले स्टोर (Google Play Store) के लिए डेटा सेफ्टी फीचर रोल आउट हो गया है। एप्पल के प्राइवेसी न्यूट्रिशन लेबल की तरह गूगल ने एंड्रॉइड डिवाइस के लिए यह डेटा सेफ्टी फीचर पेश किया है। अब यूजर्स प्ले स्टोर पर देख सकेंगे कि कौन-सा एप डेवलपर उनकी कौन-सी जानकरी इकट्ठा कर रहा है। गूगल ने सभी एप डेवलपर्स के लिए डेटा सेफ्टी सेक्शन (Data Safety Section) को 20 जुलाई 2022 तक पूरा करने को कहा है। जिन एप्स के में फिलहाल डेटा सेफ्टी सेक्शन नहीं दिखाई दे रहा है। वो आने वाले दिनों में जल्द दिखाई देगा।

डेवलपर्स को दिया निर्देश

वहीं गूगल ने डेवलपर्स को निर्देश दिया है कि अगर एप के फंक्शन में कभी कोई बदलाव किया जाता है। तब उसे भी डेटा सेफ्टी सेक्शन में अपडेट करना होगा। ताकि यूजर्स को एप के बदलाव के बारे में पता चल सके।

गूगल ने ब्लॉग पोस्ट में कहा

गूगल ने अपने ब्लॉग पोस्ट में लिखा कि यूजर्स ये जानना चाहते हैं कि उनका डेटा क्यों कलेक्ट किया जा रहा है। कहीं डेवलपर्स यूजर डेटा को थर्ड पार्टी के साथ शेयर तो नबीं कर रहे हैं। इसके अलावा यूजर्स यह समझना चाहते हैं कि एप डाउनलोड होने के बाद डेवलपर यूजर्स डेटा को कैसे सुरक्षित रखते हैं। इसलिए हमने डेटा सेफ्टी सेक्शन को बनाया है। जिसे डेवलपर्स बता सकें कि कौन-सा डेटा कलेक्ट किया है। वह किस उद्देश्य से इसका इस्तेमाल किया जा रहा है।

प्राइवेसी फीचर में कई बदलाव की घोषणा

बता दें गूगल ने एंड्रॉइड 12 के साथ प्राइवेसी फीचर में कई बदलाव की घोषणा की थी। इसमें यूजर्स को स्मार्टफोन के टॉप में एप द्वारा कैमरा और माइक का इस्तेमाल होने पर एक इंडिकेटर दिखता है। यह बताता है कि डिवाइस के कैमरा और माइक का इस्तेमाल कर रहा है या नहीं।

क्या है गूगल का नया सेफ्टी सेक्शन?

1. डेवलपर्स उनका डेटा किस उद्देश्य से ले रहे हैं।

2. क्या डेवलपर्स डेटा को किसी तीसरी पार्टी को शेयर कर रहे हैं।

3. एप की सिक्योरिटी इंफॉर्मेशन में एनक्रिप्शन का इस्तेमाल हुआ है या नहीं।

4. क्या यूजर अपने प्राइवेट डेटा को डिलीट करने के लिए कह सकते हैं।

5. एप गूगल की सेफ्टी पॉलिसी को क्वालिफाई करते हैं या नहीं।



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