Gujarat Firecracker Blast: कर्ज के बोझ से दबे थे, मजबूरी में पटाखे बनाने का काम चुना.. बनासकांठा हादसे ने कर दिया सबकुछ खत्म
मध्य प्रदेश के देवास जिले के खातेगांव तहसील के संदलपुर गांव के 10 लोग गुजरात के बनासकांठा जिले में स्थित पटाखा फैक्ट्री में काम करने गए थे। यहां हुए हादसे में सभी की मौत हो गई। यह परिवार कर्ज के बोझ से दबा हुआ था और मजबूरी में पटाखे बनाने का काम चुना था।
By javed news agency
Publish Date: Wed, 02 Apr 2025 08:06:32 AM (IST)
Updated Date: Wed, 02 Apr 2025 08:12:17 AM (IST)
HighLights
- गुजरात के बनासकांठा में पटाखा फैक्ट्री हादसे में 10 लोगों की मौत।
- परिवारों को एमपी और गुजरात सरकार से मिलेगी आर्थिक सहायता।
- मृतकों में बच्चे भी शामिल हैं, जो मां-बाप के साथ गुजरात गए थे।
जितेंद्र शर्मा, नईदुनिया, देवास। कर्ज का मर्ज कैसा होता है, यह उस परिवार के आंसू बता रहे हैं, जिनके स्वजन गुजरात के बनासकांठा जिले में स्थित पटाखा फैक्ट्री हादसे में काल कवलित हो गए। पैसों की तंगी के कारण परिवार ने कई सौ किलोमीटर दूर मध्य प्रदेश से गुजरात के लिए पलायन किया। पटाखे बनाकर रोजी-रोटी कमाने में जुटे, लेकिन हादसे ने सबकुछ बर्बाद कर दिया।
अब सिवाय आंसुओं के कुछ नहीं बचा। हंसता-खेलता परिवार खत्म हो गया। गुजरात के बनासकांठा जिले में स्थित पटाखा फैक्ट्री में हुए हादसे में मध्य प्रदेश के देवास जिले के खातेगांव तहसील के 10 लोगों की मौत हो गई। इनमें नौ संदलपुर गांव के हैं। मृतकों में बच्चे भी शामिल हैं। ये सभी एक ही परिवार के हैं, जो पटाखे बनाने के लिए गए थे।
लाखों रुपये का कर्ज हो गया था
लखन भोपा के फूफा भगवान भेरूलाल नायक ने बताया कि करीब छह महीने पहले तक संदलपुर में ही रहकर कुकर सुधारने के साथ मजदूरी करते थे। शायर बाई पर बेटे की शादी एवं मकान बनाने सहित अन्य कार्यों के कारण लाखों रुपये का कर्ज हो गया था।
परेशानी से जूझ रहा था परिवार
राकेश का परिवार भी आर्थिक परेशानी से जूझ रहा था। ग्राम हंडिया जिला हरदा निवासी गुड्डी बाई, जो इनकी रिश्तेदार थी वह और उसका परिवार पहले से ही पटाखे बनाने का काम करता था। शायर बाई लड़की राधा को लेकर गुड्डी बाई के साथ करीब डेढ़ महीने पहले गुजरात पटाखा फैक्ट्री में काम करने गई। होली पर वह संदलपुर लौट आई।
एक हजार पटाखे बनाने पर मिलते थे 500 रुपये
एक हजार पटाखे बनाने पर पांच सौ रुपये की कमाई होती थी। आर्थिक परेशानी और कर्ज के बोझ तले दबा संदलपुर का भोपा परिवार पटाखे बनाने के काम में लग गया। संदलपुर और हंडिया के ये सभी लोग 22-23 मार्च को हाटपीपल्या से 10 किलोमीटर आगे देवगढ़ पर स्थित पटाखा फैक्ट्री में काम करने गए।
वहां किसी महिला के संपर्क में आए। उस महिला ने इन्हें ज्यादा मजदूरी दिलाने की बात कहकर गुजरात चलने को कहा। 28 मार्च को सभी गुजरात के लिए निकल गए। संदलपुर के आठ लोग चार दिन पहले पहली बार ही गुजरात गए थे।
एमपी सरकार ने दी सहायता
अब अपनों के शव लाने के लिए स्वजन निजी वाहन से गुजरात के लिए रवाना हुए हैं। परिवार को गुजरात सरकार की तरफ से चार लाख एवं मध्य प्रदेश सरकार की ओर से दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाई जा रही है। जिला प्रशासन ने अंत्येष्टि के लिए 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता ग्राम पंचायत को उपलब्ध करवाई है।
क्षेत्रीय विधायक आशीष शर्मा भी मृतकों के स्वजन को सांत्वना देने संदलपुर गांव पहुंचे। उन्होंने बताया कि सहायता राशि शीघ्र उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से बात की है। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी गुजरात के मुख्यमंत्री से चर्चा की है।