Science News: आज सूर्य से सर्वाधिक दूरी पर रहेगी पृथ्वी, जानिए इसका वैज्ञानिक कारण
वर्ष में एक बार होने वाली इस खगोलीय परिघटना को अपहेलियन कहते हैं। आज पृथ्वी और सूर्य के बीच की दूरी 15,20,99,9,68 किलोमीटर रहेगी। पृथ्वी के परिक्रमण के दौरान साल में सूर्य से यह उसकी सर्वाधिक दूरी है।
By Ashish Dixit
Publish Date: Fri, 05 Jul 2024 09:44:16 AM (IST)
Updated Date: Fri, 05 Jul 2024 11:10:04 AM (IST)
HighLights
- परवलयाकार कक्ष में सूर्य की परिक्रमा करती है पृथ्वी।
- इस दौरान वह कभी सूर्य के नजदीक, कभी दूर होती है।
- इस साल तीन जनवरी को पृथ्वी सूर्य के सर्वाधिक करीब थी।
नईदुनिया प्रतिनिधि, नर्मदापुरम। सूरज की परिक्रमा करती पृथ्वी साल भर अपनी दूरी बदलती रहती है। इस परिक्रमण के दौरान साल में एक दिन वह सूरज के सबसे पास वाले बिंदु पर होती है तो एक दिन ऐसा आता है, जब यह दूरी बढ़कर सबसे अधिक हो जाती है। पांच जुलाई को वह दिन आ गया है, जब पृथ्वी ने सूरज से अपनी दूरी बढ़ा ली है।
विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने बताया कि वर्ष में एक बार होने वाली यह खगोलीय घटना अपहेलियन कहलाती है। भारतीय समय के अनुसार, प्रात: 10.36 मिनट की स्थिति में पृथ्वी और सूर्य के बीच की दूरी 15,20,99,9,68 किलोमीटर हो जाएगी, जो साल की सबसे अधिक होगी। पृथ्वी परवलयाकार कक्ष में घूमते हुए सूर्य की परिक्रमा करती है।
सारिका ने बताया कि इस साल तीन जनवरी को पृथ्वी अपनी दूरी घटाते हुए सूर्य से 14,71,6,32 किमी दूरी पर थी। इसे पेरिहेलियन की स्थिति कहते हैं। इस तरह उस दूरी से आज पृथ्वी लगभग 50 लाख किमी और दूर पहुंच रही है। सूरज और पृथ्वी के बीच दूरी में लगभग 3 प्रतिशत की इस दूरी बढ़ने या घटने से स्थानीय मौसम पर कोई असर नहीं आता है।
विज्ञान प्रसारक सारिका के मुताबिक जब जनवरी में सूर्य पास में होता है, तब उत्तरी गोलार्द्ध में ठंड पड़ रही होती है। वहीं, जुलाई से सूर्य से दूरी बढ़ने पर भी गर्मी कम नहीं होती है। पृथ्वी पर मौसम पृथ्वी के अपने अक्ष पर घूमते समय झुकाव के कारण होते हैं। किसी समय पृथ्वी के जिस भाग पर सूर्य की किरणें सीधी पड़ रही होती हैं, वहां गर्मी पड़ती है तथा जहां तिरछी किरणें पड़ती हैं, वहां ठंड महसूस होती है।